आश्रम में प्रत्येक दिन प्रभु की सेवा, आरती, भोग एवं सत्संग श्रद्धा और वैदिक परंपरा के अनुसार संपन्न किए जाते हैं। प्रत्येक अनुष्ठान भक्तों को ईश्वर से जोड़ने और आध्यात्मिक शांति प्रदान करने का माध्यम है।
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6:00 AM
मंगला आरती
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प्रभु के मंगलमय जागरण एवं प्रथम दर्शन का दिव्य अवसर।
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6:30 AM
ध्यान एवं जप
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मंत्र जाप, ध्यान एवं आध्यात्मिक साधना का पवित्र समय।
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07:30 AM
बाल भोग
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प्रभु को प्रातःकालीन फल, मिष्ठान एवं नैवेद्य अर्पित किया जाता है।
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8:00 AM
श्रृंगार दर्शन
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दिव्य श्रृंगार के पश्चात भक्तों के लिए सुंदर दर्शन का समय।
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12:00 PM
राज भोग
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प्रभु को विशेष भोजन अर्पित कर मध्याह्न आरती की जाती है।
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05:30 PM
भजन एवं कीर्तन
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प्रभु के गुणगान एवं भक्तिभाव से संकीर्तन का आनंद।
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06:30 PM
संध्या आरती
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दीपों की ज्योति एवं भक्तिभाव से संध्या आरती का शुभ समय।
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08:00 PM
रात्रि भोग
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प्रभु को रात्रिकालीन नैवेद्य एवं भोग अर्पित किया जाता है।
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08:30 PM
शयन आरती
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दिन की अंतिम आरती एवं प्रभु के शयन की सेवा का समय।
📜 सूचना
समय में परिवर्तन विशेष पर्व एवं अवसरों पर हो सकता है। कृपया आश्रम कार्यालय से पुष्टि करें।